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Jageshwar Yadav कहानियाँ

जागेश्वर यादव: बिरहोर आदिवासियों के उत्थान के लिए समर्पित जीवन

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के ग्राम पंचायत भितघरा के रहने वाले जागेश्वर यादव एक ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने अपने जीवन को बिरहोर आदिवासियों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया है। बचपन से ही बिरहोर आदिवासियों की दुर्दशा देखकर उन्होंने ठान लिया था कि वह उनके जीवन को बेहतर बनाएंगे। जागेश्वर यादव ने बिरहोर आदिवासियों […]

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Guru Ghasi Das कहानियाँ

गुरु घासीदास: छत्तीसगढ़ के संत, समाज सुधारक और सत्य के नायक

छत्तीसगढ़ की धरती को कई महान हस्तियों ने जन्म दिया है, जिनमें सतनाम पंथ के संस्थापक गुरु घासीदास का नाम उज्ज्वल है। 18 दिसंबर 1756 को गिरौदपुरी गांव में जन्मे गुरु घासीदास ने अपने विचारों और कार्यों से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत को प्रभावित किया। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ उठाई आवाज: गुरु घासीदास […]

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तातापानी_में_स्थित_शिव_जी_की_विशाल_प्रतिमा_ पर्यटन

तातापानी, छत्तीसगढ़ का एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल

तातापानी छत्तीसगढ़ राज्य के बलरामपुर जिले में स्थित एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल है। यह स्थान अपने प्राकृतिक रूप से निकलते गरम पानी के लिए प्रसिद्ध है। यहां के कुंडों और झरनों में धरातल से बारह माह गरम पानी प्रवाह करता रहता है। स्थानीय भाषा में “ताता” का अर्थ होता है गरम। इसी लिए इस स्थल […]

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Barsur_Battisa_Temple इतिहास

बारसूर: इंद्रावती के तट पर हिंदू सभ्यता का खोया हुआ नगर

दंतेवाड़ा जिले के जगदलपुर से लगभग 75 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में, इंद्रावती नदी के तट पर बसा बारसूर का गाँव एक समय हिंदू सभ्यता का प्रमुख केंद्र हुआ करता था। माना जाता है कि यहाँ कभी 147 मंदिर और उतनी ही तालाब हुआ करते थे। 10वीं और 11वीं शताब्दी के इन मंदिरों के अवशेष आज भी […]

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Rajbeda- Chhattisgarh इतिहास

भगवान गणेश की प्रतिमा: राजबेड़ा में सौ साल पहले पहिए टूटे और स्थापना

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में स्थित एक अत्यंत प्राचीन धार्मिक स्थल है, जिसे हम राजबेड़ा मंदिर के नाम से जानते हैं। इस मंदिर में भगवान गणेश और मां दुर्गा की एक अद्वितीय प्रतिमा स्थित है, जहां भगवान गणेश मूशक पर आसीन हैं। इस प्रतिमा में एक अद्वितीय सौंदर्य, आकर्षण, और दिव्यता की कला है, जो […]

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Charota Bhaji - Chhattisgarh खान-पान

छत्तीसगढ़ के जंगल की खुशबू: चरोटा भाजी

भीषण गर्मी की दुपहर में, जब छत्तीसगढ़ के जंगल पसीने से तर-बतर होते हैं, तब जमीन से एक हरी खुशबू उठती है. ये है चरोटा, एक जंगली साग, जो किसी राजकुमारी की हरी पोशाक की तरह सूरज की किरणों में झिलमिलाता है. इसी चरोटा से बनती है वो सब्ज़ी, जिसके स्वाद में जंगल की ज़िंदगी […]

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शिवनाथ नदी पर्यटन

शिवनाथ नदी: छत्तीसगढ़ की जीवनरेखा

शिवनाथ नदी छत्तीसगढ़ की एक प्रमुख नदी है। यह नदी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के गोडरी गांव से निकलती है और लगभग 470 किलोमीटर की यात्रा तय करके छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण में महानदी में मिल जाती है। शिवनाथ नदी के उद्गम के बारे में एक लोककथा प्रचलित है। कहा जाता है कि […]

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तीजन बाई कहानियाँ

तीजन बाई: कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प की कहानी

तीजन बाई का जन्म 8 अगस्त, 1956 को छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के गनियारी गांव में हुआ था। वे एक परधान जनजाति से ताल्लुक रखती हैं। तीजन बाई के पिता हुनुकलाल परधा और माता सुखवती थीं। तीजन बाई बचपन से ही पंडवानी सुनने और देखने में रुचि रखती थीं। उनके नाना ब्रजलाल एक पंडवानी गायक […]

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chendru-bastar-tiger कहानियाँ

चेंदरू और टेम्बू: प्रेम, दोस्ती और साहस की कहानी

छत्तीसगढ़ का चेंदरू, जिसे “बस्तर का मोगली” के नाम से भी जाना जाता है, एक आदिवासी लड़का था जिसने एक बाघ शावक को पाला और उसे अपने साथ ही रखा। चेंदरू का जन्म 1935 में नारायणपुर जिले के गढ़बंगाल गांव में हुआ था। वह एक मुरिया जनजाति का सदस्य था। जब चेंदरू 10 साल का […]

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राम संस्कृति

श्री राम की शिक्षाओं और कहानियों ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति को कैसे आकार दिया है?

श्री राम की शिक्षाएं और कहानियां छत्तीसगढ़ी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वे छत्तीसगढ़ी लोगों के जीवन और मूल्यों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नैतिकता और कर्तव्य श्री राम की शिक्षाओं ने छत्तीसगढ़ी लोगों को नैतिकता और कर्तव्य के महत्व के बारे में सिखाया है। वे लोगों को सत्य बोलने, अपने […]

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