Hamar Goth

इतिहास

बारसूर: इंद्रावती के तट पर हिंदू सभ्यता का खोया हुआ नगर

दंतेवाड़ा जिले के जगदलपुर से लगभग 75 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में, इंद्रावती नदी के तट पर बसा बारसूर का गाँव एक…

भगवान गणेश की प्रतिमा: राजबेड़ा में सौ साल पहले पहिए टूटे और स्थापना

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में स्थित एक अत्यंत प्राचीन धार्मिक स्थल है, जिसे हम राजबेड़ा मंदिर के नाम से जानते…

छत्तीसगढ़ के गौरव गाथा का साक्षी: ताला का पुरातात्विक क्षेत्र

छत्तीसगढ़ की धरती इतिहास के अनछुए अध्यायों और प्राचीन सभ्यताओं के अवशेषों को अपने सीने में समेटे हुए है। इसी…

भोरमदेव: छत्तीसगढ़ का वीर योद्धा

छत्तीसगढ़ की धरती वीर योद्धाओं की भूमि है। इनमें से एक नाम सबसे ऊपर है – भोरमदेव। वीरता और साहस…

छत्तीसगढ़ का गौरव: माता कौशल्या की अमर कथा

छत्तीसगढ़ की धरती न सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, बल्कि यह धार्मिक महत्व के लिए भी जाना जाता है।…

छत्तीसगढ़ में सोमवंशी राजवंश: स्वर्णिम युग का सूर्योदय (750 ईस्वी – 1200 ईस्वी)

छत्तीसगढ़ के इतिहास में सोमवंशी राजवंश का शासनकाल एक स्वर्णिम युग के रूप में जाना जाता है। लगभग 750 ईस्वी…

छत्तीसगढ़ में गुप्त साम्राज्य: शांति और समृद्धि का युग (320 ईस्वी – 550 ईस्वी)

छत्तीसगढ़ के इतिहास में गुप्त साम्राज्य का शासनकाल एक स्वर्ण युग माना जाता है। लगभग 320 ईस्वी से 550 ईस्वी…

छत्तीसगढ़ में सातवाहन राजवंश: वैभव और समृद्धि का युग (200 ई.पू. – 300 ई.पू.)

छत्तीसगढ़ का इतिहास प्राचीन काल से ही समृद्ध और विविध रहा है। इस समृद्ध इतिहास में सातवाहन राजवंश का शासनकाल…

वीर नारायण सिंह जिनके शौर्य से अंग्रेज भी ख़ौफ खाते थे

उन दिनों सोनाखान एक रियासत के रूप में जानी जाती थी। जो आजकल छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में आता…

छत्तीसगढ़ में कल्चुरियों का शासन

भारत के इतिहास में कलचुरी राजवंश स्थान महत्वपूर्ण है 550 से लेकर 1750 तक लगभग 12 सौ वर्षो की अवधि…