Close Menu

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    दंतेवाड़ा के ‘धन्वंतरि’: डॉ. रामचंद्र और सुनीता गोडबोले

    January 27, 2026

    बड़ी दीदी: बुधरी ताती नक्सलगढ़ में जलती सेवा की मशाल

    January 27, 2026

    कांगेर घाटी की “ग्रीन गुफा”: बस्तर का एक नया प्राकृतिक अजूबा

    January 5, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Hamar GothHamar Goth
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Subscribe
    • होम
    • कहानियाँ
    • पर्यटन
    • संस्कृति
    • इतिहास
    • खान-पान
    • बस्तर
    Hamar GothHamar Goth
    Home»खान-पान»छत्तीसगढ़ के त्योहारों की मिठास: स्वादिष्ट और पौष्टिक ठेठरी
    खान-पान

    छत्तीसगढ़ के त्योहारों की मिठास: स्वादिष्ट और पौष्टिक ठेठरी

    हमर गोठBy हमर गोठDecember 9, 20233 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram Tumblr Email
    ठेठरी
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा में खानपान का भी विशेष स्थान है। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों में ठेठरी का एक अलग ही महत्व है। यह एक मीठा और कुरकुरा व्यंजन है, जो खासकर त्योहारों और शुभ अवसरों पर बनाया जाता है। ठेठरी न सिर्फ स्वादिष्ट है बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है।

    ठेठरी की खासियत:

    • स्वादिष्ट: ठेठरी मीठी और कुरकुरी होती है। इसमें गुड़ और नारियल का स्वाद इसे और भी स्वादिष्ट बनाता है।
    • पौष्टिक: ठेठरी गेहूं के आटे से बनी होती है, जो फाइबर का एक अच्छा स्रोत है। इसके अलावा इसमें गुड़ और नारियल का इस्तेमाल होने से शरीर को विभिन्न पोषक तत्व भी मिलते हैं।
    • बनाने में आसान: ठेठरी को घर पर आसानी से बनाया जा सकता है। इसके लिए किसी खास सामग्री की जरूरत नहीं होती है और इसे बनाने में भी ज्यादा समय नहीं लगता है।
    • पारंपरिक: ठेठरी छत्तीसगढ़ का एक पारंपरिक व्यंजन है, जो पीढ़ियों से बनाया जा रहा है। यह त्योहारों और शुभ अवसरों पर खुशियों को मनाने का एक खास तरीका है।

    ठेठरी बनाने की विधि:

    सामग्री:

    • 2 कप गेहूं का आटा
    • 1 कप गुड़
    • 1 कप नारियल का बुरादा
    • 1/2 कप घी
    • 1/4 चम्मच नमक
    • तेल

    बनाने की विधि:

    1. गेहूं के आटे को छान लें।
    2. गुड़ को पानी में घोलकर चीनी बना लें।
    3. एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा, गुड़ की चाशनी, नारियल का बुरादा, घी और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
    4. थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए आटा गूंथ लें। आटा ज्यादा सख्त नहीं होना चाहिए।
    5. आटे से छोटे-छोटे गोले बनाएं।
    6. एक प्लेट में थोड़ा सा तेल लगाएं और आटे के गोले को बेलन से पतला बेल लें।
    7. बेली हुई ठेठरी को चाकू से अपने पसंद के आकार में काट लें।
    8. कड़ाही में तेल गरम करें।
    9. गरम तेल में ठेठरी को डालें और धीमी आंच पर सुनहरा होने तक तलें।
    10. ठेठरी को तेल से निकालकर पेपर नैपकिन पर रखें।
    11. ठेठरी को ठंडा होने के बाद एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें।

    टिप्स:

    • ठेठरी में आप अपनी पसंद के अनुसार अन्य मेवे जैसे बादाम और काजू भी डाल सकते हैं।
    • ठेठरी को तलते समय तेल का तापमान बहुत ज्यादा नहीं होना चाहिए, नहीं तो ठेठरी जल्दी से जल जाएगी।
    • ठेठरी को ठंडा होने के बाद एक एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें, ताकि वह लंबे समय तक कुरकुरी बनी रहे।

    तो आज ही छत्तीसगढ़ के इस खास स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन ठेठरी को बनाने की कोशिश करें और अपने परिवार और दोस्तों के साथ इसका आनंद उठाएं!

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email

    Related Posts

    कोलियारी भाजी: बस्तर, छत्तीसगढ़ का स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन

    May 16, 2024

    छत्तीसगढ़ के जंगल की खुशबू: चरोटा भाजी

    January 13, 2024

    कोदो की खीर: छत्तीसगढ़ का पौष्टिक और स्वादिष्ट खजाना

    December 9, 2023

    छत्तीसगढ़ के जंगलों का मीठा खजाना: महुआ लाडू

    December 9, 2023

    छत्तीसगढ़ का पारंपरिक मीठा पकवान: खुरमी

    December 9, 2023

    छत्तीसगढ़ का मसालेदार दाल व्यंजन: बफौरी  – स्वाद और पौष्टिकता का संगम

    December 9, 2023
    Demo
    Top Posts

    दंतेवाड़ा के ‘धन्वंतरि’: डॉ. रामचंद्र और सुनीता गोडबोले

    January 27, 2026

    देश की सबसे महँगी सब्ज़ी – बोड़ा, जानें क्या है इसमें खास?

    June 26, 2023

    छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार : हरेली

    June 27, 2023
    Don't Miss

    दंतेवाड़ा के ‘धन्वंतरि’: डॉ. रामचंद्र और सुनीता गोडबोले

    January 27, 2026

    डॉ. रामचंद्र त्रयम्बक गोडबोले और उनकी धर्मपत्नी सुनीता गोडबोले का नाम छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर संभाग…

    बड़ी दीदी: बुधरी ताती नक्सलगढ़ में जलती सेवा की मशाल

    January 27, 2026

    कांगेर घाटी की “ग्रीन गुफा”: बस्तर का एक नया प्राकृतिक अजूबा

    January 5, 2026

    छत्तीसगढ़ के माथे पर ‘रामसर’ का तिलक: कोपरा जलाशय बना प्रदेश की पहली ग्लोबल वेटलैंड

    December 28, 2025
    Stay In Touch
    • Facebook
    • WhatsApp
    • Twitter
    • Instagram
    Latest Reviews
    Demo
    //

    We influence 20 million users and is the number one business and technology news network on the planet

    Most Popular

    दंतेवाड़ा के ‘धन्वंतरि’: डॉ. रामचंद्र और सुनीता गोडबोले

    January 27, 2026

    देश की सबसे महँगी सब्ज़ी – बोड़ा, जानें क्या है इसमें खास?

    June 26, 2023

    छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार : हरेली

    June 27, 2023
    Our Picks

    दंतेवाड़ा के ‘धन्वंतरि’: डॉ. रामचंद्र और सुनीता गोडबोले

    January 27, 2026

    बड़ी दीदी: बुधरी ताती नक्सलगढ़ में जलती सेवा की मशाल

    January 27, 2026

    कांगेर घाटी की “ग्रीन गुफा”: बस्तर का एक नया प्राकृतिक अजूबा

    January 5, 2026

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.