छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित मैनपाट, जिसे “छत्तीसगढ़ का शिमला” भी कहा जाता है, अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और ठंडे मौसम के लिए प्रसिद्ध है। इस खूबसूरत हिल स्टेशन के प्रमुख आकर्षणों में से एक है “मछली प्वाइंट”। यह एक ऐसा स्थल है जो अपनी शांति, हरी-भरी वादियों और एक मनमोहक जलप्रपात के लिए जाना जाता है।
मछली प्वाइंट का सौंदर्य
मछली प्वाइंट मैनपाट के अन्य झरनों की तरह ही शानदार है, लेकिन इसकी अपनी एक अलग पहचान है। यह जलप्रपात घने जंगलों के बीच स्थित है और “मछली नदी” पर बनता है। यहां पानी लगभग 80 मीटर की ऊंचाई से गिरता है, जो एक बहुत ही मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है। इस झरने के चारों ओर की हरियाली, पानी की कलकल ध्वनि और ठंडी हवा पर्यटकों को एक शांतिपूर्ण और सुखद अनुभव प्रदान करती है।
क्यों है इसका नाम मछली प्वाइंट?
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस जलप्रपात का नाम “मछली प्वाइंट” इसलिए पड़ा क्योंकि यहां की नदी और झरने में रंगीन मछलियां देखी जाती थीं। हालांकि, कुछ लोककथाओं के अनुसार, यहां पर पहले जलपरियां भी दिखाई देती थीं, जिस कारण इसे “जलपरी प्वाइंट” भी कहा जाता था।
पर्यटन और अनुभव
मछली प्वाइंट पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श स्थान है। यहां आने वाले लोग न केवल झरने की खूबसूरती का आनंद लेते हैं, बल्कि आसपास के शांत वातावरण में पिकनिक भी मनाते हैं। मैनपाट आने वाले यात्री अक्सर टाइगर प्वाइंट और उल्टा पानी जैसे अन्य प्रसिद्ध स्थलों के साथ-साथ मछली प्वाइंट को भी अपनी यात्रा सूची में शामिल करते हैं। यह स्थान फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी बहुत खास है, क्योंकि यहां के प्राकृतिक दृश्य कैमरे में कैद करने लायक होते हैं।
यह जलप्रपात साल भर पर्यटकों के लिए खुला रहता है, लेकिन मानसून के मौसम में इसकी सुंदरता अपने चरम पर होती है, जब पानी का प्रवाह बढ़ जाता है और पूरा इलाका और भी हरा-भरा हो जाता है।