Close Menu

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    प्रागैतिहासिक कला का अद्भुत साक्षी: रायगढ़ का कबरा पहाड़

    April 21, 2026

    रायपुर का ‘डे भवन’ दिलाता है ऐतिहासिक और खूबसूरत यादें

    April 21, 2026

    देवधारा जलप्रपात: गरियाबंद का एक प्राकृतिक स्वर्ग

    April 21, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Hamar GothHamar Goth
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Subscribe
    • होम
    • कहानियाँ
    • पर्यटन
    • संस्कृति
    • इतिहास
    • खान-पान
    • बस्तर
    Hamar GothHamar Goth
    Home»पर्यटन»देवधारा जलप्रपात: गरियाबंद का एक प्राकृतिक स्वर्ग
    पर्यटन

    देवधारा जलप्रपात: गरियाबंद का एक प्राकृतिक स्वर्ग

    हमर गोठBy हमर गोठApril 21, 20264 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    छत्तीसगढ़ का गरियाबंद जिला अपने भीतर कई अद्भुत प्राकृतिक संपदाओं को समेटे हुए है। जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर की दूरी पर, मैनपुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाली कुल्हाड़ीघाट ग्राम पंचायत में स्थित ‘देवधारा जलप्रपात’ इसी प्राकृतिक सुंदरता का एक अप्रतिम उदाहरण है। यह स्थान न केवल अपनी मनमोहक छटा के लिए जाना जाता है, बल्कि यहाँ मिलने वाली असीम शांति और सुकून इसे प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक स्वर्ग बनाते हैं।

    इंद्रावन नदी और जलप्रपात का विहंगम दृश्य देवधारा जलप्रपात का निर्माण ‘इंद्रावन नदी’ के प्रवाह से होता है। जब इस नदी की तेज जलधारा दो पहाड़ियों की कठोर चट्टानों के बीच से गुजरते हुए लगभग 70 फुट की ऊंचाई से नीचे गिरती है, तो वह दृश्य देखने वालों को पूरी तरह से मंत्रमुग्ध कर देता है। ऊंचाई से गिरता हुआ पानी जब नीचे की चट्टानों से टकराकर बिखरता है, तो ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रकृति ने अपने हाथों से कोई सजीव चित्रकला उकेरी हो। यह मनोरम नजारा न केवल आंखों को गहरा सुकून पहुंचाता है, बल्कि देखने वाले के दिल और आत्मा को भी पूरी तरह से तरोताजा कर देता है।

    उदंती अभयारण्य: समृद्ध वनस्पति और वन्यजीव इस जलप्रपात तक पहुंचने का सफर भी इसके गंतव्य जितना ही रोमांचक और खूबसूरत है। देवधारा जलप्रपात दुर्गम और बीहड़ ‘उदंती अभयारण्य’ के घने जंगलों के ठीक बीच में बसा हुआ है। यात्रा के दौरान रास्ते भर पर्यटकों को साजा, बीजा, लेंडिया, हल्दू और सरई जैसे घने और ऊंचे पेड़ों से घिरे हरे-भरे जंगल देखने को मिलते हैं, जो मन मोह लेते हैं। यह पूरा वन क्षेत्र अपनी समृद्ध वन्यजीव संपदा के लिए भी विख्यात है। विशेष रूप से, छत्तीसगढ़ के राजकीय पशु ‘वनभैंसे’ (Wild Water Buffalo) के लिए यह जंगल एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास है।

    आसपास के रमणीक सरोवर जलप्रपात के आसपास का क्षेत्र भी दर्शनीय जलस्रोतों से भरा हुआ है। इंद्रावन नदी के ऊपरी हिस्से में प्राकृतिक रूप से बने कई खूबसूरत सरोवर मौजूद हैं, जिनमें भाई डहरा, हाथ डहरा और नागरशील प्रमुख हैं। इन सरोवरों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि चिलचिलाती गर्मी में भी ये सूखते नहीं हैं और इनमें साल भर भरपूर पानी रहता है, जो इस जंगल के वन्यजीवों के लिए जीवनदायिनी का काम करता है।

    धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अपनी अनुपम प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ, देवधारा का अपना गहरा धार्मिक महत्व भी है। स्थानीय लोगों के लिए यह आस्था का एक प्रमुख केंद्र है। विभिन्न विशेष पर्वों और त्योहारों के अवसर पर यहाँ भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। इस दौरान यहाँ का माहौल उत्सव जैसा हो जाता है और यह मेला दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना रहता है।

    देवधारा जलप्रपात के विस्तृत लेख में ‘कैसे पहुँचें’ (How to Reach) की जानकारी नीचे दी गई है। आप इसे अपने लेख के अंत में जोड़ सकते हैं:

    देवधारा जलप्रपात कैसे पहुँचें?

    चूंकि देवधारा जलप्रपात उदंती अभयारण्य के घने वन क्षेत्र में स्थित है, इसलिए यहाँ तक पहुँचने के लिए सड़क मार्ग की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। यहाँ पहुँचने के मुख्य साधन इस प्रकार हैं:

    • हवाई मार्ग (By Air): यहाँ का सबसे निकटतम और प्रमुख हवाई अड्डा स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, रायपुर है। रायपुर से गरियाबंद जिला मुख्यालय की दूरी लगभग 90 किलोमीटर है। हवाई अड्डे पर उतरने के बाद आप बस या टैक्सी बुक करके गरियाबंद और फिर वहां से देवधारा तक का सफर तय कर सकते हैं।
    • रेल मार्ग (By Train): सबसे नजदीकी प्रमुख रेलवे स्टेशन रायपुर जंक्शन है, जो देश के सभी बड़े शहरों से रेल मार्ग द्वारा अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। रेलवे स्टेशन से बाहर आकर आप बस स्टैंड से गरियाबंद के लिए बस ले सकते हैं या सीधे निजी कैब/टैक्सी किराये पर ले सकते हैं।
    • सड़क मार्ग (By Road): सड़क मार्ग द्वारा देवधारा पहुँचना सबसे सुगम और रोमांचक है। इसके लिए आपको यह मार्ग अपनाना होगा:
      • रायपुर से गरियाबंद: सबसे पहले आपको राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 130C) होते हुए रायपुर से गरियाबंद (लगभग 90 किमी) पहुँचना होगा। इसके लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध हैं।
      • गरियाबंद से देवधारा (कुल्हाड़ीघाट): गरियाबंद पहुँचने के बाद, आपको मैनपुर विकासखंड की ओर जाना होगा। गरियाबंद से कुल्हाड़ीघाट ग्राम पंचायत (जहाँ जलप्रपात स्थित है) की दूरी लगभग 80 किलोमीटर है।

    💡 यात्रा के लिए एक ज़रूरी सुझाव: गरियाबंद से आगे मैनपुर और कुल्हाड़ीघाट का रास्ता बीहड़ जंगल (उदंती अभयारण्य) से होकर गुजरता है। इसलिए इस हिस्से के सफर के लिए निजी वाहन (कार या एसयूवी) या रिजर्व टैक्सी ले जाना सबसे सुरक्षित और सुविधाजनक रहता है, क्योंकि अंदरूनी इलाकों में सार्वजनिक परिवहन (बस आदि) की सुविधा सीमित होती है।

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email

    Related Posts

    प्रागैतिहासिक कला का अद्भुत साक्षी: रायगढ़ का कबरा पहाड़

    April 21, 2026

    धार्मिक आस्था और इतिहास का संगम: राजपुर कोठी और गुफाओं का महत्व

    April 1, 2026

    कांगेर घाटी की “ग्रीन गुफा”: बस्तर का एक नया प्राकृतिक अजूबा

    January 5, 2026

    कोरिया महल: छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक विरासत और राजसी वैभव का प्रतीक

    December 26, 2025

    उल्टा पानी: प्रकृति का एक अनोखा चमत्कार

    August 22, 2025

    मछली प्वाइंट, मैनपाट: प्रकृति का अद्भुत जलप्रपात

    August 22, 2025
    Demo
    Top Posts

    प्रागैतिहासिक कला का अद्भुत साक्षी: रायगढ़ का कबरा पहाड़

    April 21, 2026

    देश की सबसे महँगी सब्ज़ी – बोड़ा, जानें क्या है इसमें खास?

    June 26, 2023

    छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार : हरेली

    June 27, 2023
    Don't Miss

    प्रागैतिहासिक कला का अद्भुत साक्षी: रायगढ़ का कबरा पहाड़

    April 21, 2026

    छत्तीसगढ़ राज्य न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता…

    रायपुर का ‘डे भवन’ दिलाता है ऐतिहासिक और खूबसूरत यादें

    April 21, 2026

    देवधारा जलप्रपात: गरियाबंद का एक प्राकृतिक स्वर्ग

    April 21, 2026

    बीसवीं शताब्दी का छत्तीसगढ़: राजनीतिक चेतना और उग्र राष्ट्रवाद का उदय

    April 21, 2026
    Stay In Touch
    • Facebook
    • WhatsApp
    • Twitter
    • Instagram
    Latest Reviews
    Demo
    //

    We influence 20 million users and is the number one business and technology news network on the planet

    Most Popular

    प्रागैतिहासिक कला का अद्भुत साक्षी: रायगढ़ का कबरा पहाड़

    April 21, 2026

    देश की सबसे महँगी सब्ज़ी – बोड़ा, जानें क्या है इसमें खास?

    June 26, 2023

    छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार : हरेली

    June 27, 2023
    Our Picks

    प्रागैतिहासिक कला का अद्भुत साक्षी: रायगढ़ का कबरा पहाड़

    April 21, 2026

    रायपुर का ‘डे भवन’ दिलाता है ऐतिहासिक और खूबसूरत यादें

    April 21, 2026

    देवधारा जलप्रपात: गरियाबंद का एक प्राकृतिक स्वर्ग

    April 21, 2026

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.