Close Menu

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    कोरबा की शान, भारत की जान: कबड्डी स्टार संजू देवी

    November 27, 2025

    छत्तीसगढ़ की बेटी, भारत की शान: आकांक्षा सत्यवंशी

    November 26, 2025

    छत्तीसगढ़ की गोदना परंपरा: शरीर पर उकेरा गया अमर शृंगार

    September 12, 2025
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Hamar GothHamar Goth
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Subscribe
    • होम
    • कहानियाँ
    • पर्यटन
    • संस्कृति
    • इतिहास
    • खान-पान
    • बस्तर
    Hamar GothHamar Goth
    Home»पर्यटन»पुरातात्विक एवं धार्मिक महत्व से संपूर्ण छत्तीसगढ़ का मदकू द्वीप
    पर्यटन

    पुरातात्विक एवं धार्मिक महत्व से संपूर्ण छत्तीसगढ़ का मदकू द्वीप

    हमर गोठBy हमर गोठJuly 23, 20233 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram Tumblr Email
    madaku dwip
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    मदकू द्वीप शिवनाथ नदी की धारा के दो भागों मे विभक्त होने से द्वीप के रूप मे प्रकृतिक सौन्दर्य परिपूर्ण अत्यंत प्राचीन रमणीय स्थान है। इस द्वीप पर प्राचीन शिव मंदिर एवं कई स्थापत्य खंड हैं। लगभग 10वीं 11वीं सदी के दो अत्यंत प्राचीन शिव मंदिर इस द्वीप पर स्थित है। इनमे से एक धूमनाथेश्वर तथा इसके दाहिने ओर उत्तर दिशा में एक प्राचीन जलहरी स्थित है जिससे पानी का निकास होता है। इसी स्थान पर दो प्राचीन शिलालेख मिले हैं। पहला शिलालेख लगभग तीसरी सदी ई॰ का ब्राम्ही शिलालेख है। इसमें अक्षय निधि एवं दूसरा शिलालेख शंखलिपि के अक्षरों से सुसज्जित है। इस द्वीप में प्रागैतिहासिक काल के लघु पाषाण शिल्प भी उपलब्ध हैं। सिर विहीन पुरुष की राजप्रतिमा की प्रतिमा स्थापत्य एवं कला की दृष्टि से 10वीं 11वीं सदी ईसा की प्रतीत होती है। आज भी पुरातत्व विभाग द्वारा खुदाई मेँ गुप्तकालीन एवं कल्चुरी कालीन प्राचीन मूर्तियाँ मिली हैं। कल्चुरी कालीन चतुर्भुजी नृत्य गणेश की प्रतिमा बकुल पेड़ के नीचे मिली है। 11वीं शताब्दी की यह एकमात्र सुंदर प्रतिमा है।

    शोधकर्ताओं के अनुसार इस द्वीप का निर्माण प्रागैतिहासिक काल में हुआ। द्वीप पर कच्छप (कछुए) के आकार में लगभग आधा दर्जन मंदिर हैं। मडकू द्वीप एक पवित्र स्थल के रूप में प्रतिष्ठित है क्योंकि यहीं पर शिवनाथ नदी उत्तर पूर्व वाहिनी में बदल जाती है। रतनपुर के कलचुरी राजा दसवीं और ग्यारहवीं शताब्दी में यहां बलि और अन्य अनुष्ठान करते थे। पुरातत्वविदों और इतिहासकारों के अनुसार यह स्थल विष्णु पुराण में वर्णित मंडूक द्वीप है।

    मदकू द्वीप का इतिहास

    1985 में खुदाई के दौरान 19 मंदिरों के खंडहर और कई मूर्तियों की खोज की गई थी। इस क्षेत्र में छह शिव मंदिर, ग्यारह स्पार्तलिंग मंदिर, और एक उमा-महेश्वर और गरुड़रुधा लक्ष्मी-नारायण मंदिर की खोज की गई है। वहां बिखरे पत्थरों को खुदाई के बाद आपस में मिलाकर मंदिर का रूप दे दिया गया है। यहां मिले शिलालेखों के अनुसार 11वीं शताब्दी में यहां के मंदिर सबसे अच्छी स्थिति में थे।

    मदकू द्वीप को ऋषि मांडुक्य के तपो स्थान के रूप में भी नामित किया गया है। कहा जाता है कि ऋषि मंडुक ने यहां मंडुकोपनिषद की रचना की इसलिए उन्हीं के नाम पर इस जगह का नाम मंडूक पड़ा। इस महाकाव्य के पहले खंड का छठा मंत्र सत्यमेव जयते भी संविधान में शामिल किया गया है।

    मदकू द्वीप पर दो प्राचीन शिलालेख मिले हैं। तीसरी सदी का एक शिलालेख ब्राम्ही शिलालेख है। और दूसरा शिलालेख शंखलिपि में है। साथ ही प्रागैतिहासिक काल के लघु पाषाण शिल्प भी उपलब्ध हैं। सिर विहीन पुरुष की राजप्रतिमा की प्रतिमा भी अद्भुत है। गुप्तकालीन एवं कल्चुरी कालीन प्राचीन मूर्तियाँ भी यहां मिली हैं। कल्चुरी कालीन चतुर्भुजी नृत्य गणेश की प्रतिमा 11वीं शताब्दी की एक बेहद सुंदर और अनोखी प्रतिमा है।

    कैसे पहुँचें

    अन्य प्रदेश से हैं राजधानी रायपुर के लिए सभी महानगरों से हवाई यात्रा संभव हैं। राजधानी रायपुर और बिलासपुर रेलवे जंक्शन से सभी शहरों से अच्छी तरह की रेल कनेक्टिविटी हैं। आप आराम से यहाँ तक की यात्रा कर सकते हैं। सड़क मार्ग से यात्रा करना और भी सुगम हैं। यहाँ तक सड़क राजमार्ग से लगभग पूर्णतः जुड़ा हुआ हैं। नीचे शहरों से उनकी दुरी को प्रदर्शित कर रहे हैं –

    RAIPUR85 KM
    BILASPUR40 KM
    MUNGELI52 KM
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email

    Related Posts

    उल्टा पानी: प्रकृति का एक अनोखा चमत्कार

    August 22, 2025

    मछली प्वाइंट, मैनपाट: प्रकृति का अद्भुत जलप्रपात

    August 22, 2025

    ठिनठिनी पत्थर: सरगुजा का अद्भुत रहस्य

    August 22, 2025

    छत्तीसगढ़ का समुद्री जीवाश्म पार्क: एक प्राचीन रहस्य का अद्भुत अनावरण

    July 8, 2025

    मधेश्वर पहाड़: प्रकृति का अद्भुत शिवलिंग, आस्था और रोमांच का संगम

    February 8, 2025

    राजिम कुंभ कल्प: छत्तीसगढ़ का ‘प्रयाग’, आस्था और संस्कृति का महासंगम

    February 8, 2025
    Demo
    Top Posts

    छत्तीसगढ़ के पवित्र महानदी की कहानी

    June 25, 2023748 Views

    वीर नारायण सिंह जिनके शौर्य से अंग्रेज भी ख़ौफ खाते थे

    June 30, 2023513 Views

    शिवनाथ नदी: छत्तीसगढ़ की जीवनरेखा

    January 12, 2024476 Views
    Don't Miss

    कोरबा की शान, भारत की जान: कबड्डी स्टार संजू देवी

    November 27, 2025

    हाल ही में हुए महिला कबड्डी विश्व कप 2025 में भारतीय टीम की शानदार जीत…

    छत्तीसगढ़ की बेटी, भारत की शान: आकांक्षा सत्यवंशी

    November 26, 2025

    छत्तीसगढ़ की गोदना परंपरा: शरीर पर उकेरा गया अमर शृंगार

    September 12, 2025

    बस्तर में कृषि संस्कृति का महापर्व: जगार

    September 12, 2025
    Stay In Touch
    • Facebook
    • WhatsApp
    • Twitter
    • Instagram
    Latest Reviews
    Demo
    //

    We influence 20 million users and is the number one business and technology news network on the planet

    Most Popular

    छत्तीसगढ़ के पवित्र महानदी की कहानी

    June 25, 2023748 Views

    वीर नारायण सिंह जिनके शौर्य से अंग्रेज भी ख़ौफ खाते थे

    June 30, 2023513 Views

    शिवनाथ नदी: छत्तीसगढ़ की जीवनरेखा

    January 12, 2024476 Views
    Our Picks

    कोरबा की शान, भारत की जान: कबड्डी स्टार संजू देवी

    November 27, 2025

    छत्तीसगढ़ की बेटी, भारत की शान: आकांक्षा सत्यवंशी

    November 26, 2025

    छत्तीसगढ़ की गोदना परंपरा: शरीर पर उकेरा गया अमर शृंगार

    September 12, 2025

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.